Monday, 20 January 2020

राष्ट्रीय चयनकर्ता से लिया पंगा, चार साल रहे टीम से बाहर, अब रणजी ट्रॉफी में ठोका तिहरा शतक


भारत के लिए 12 वन-डे और तीन टी-20 मैच खेल चुके मनोज तिवारी 21 साल बाद बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। बंगाल के इस सीनियर बल्लेबाज ने ग्रुप ए के मैच में हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 303 रन की पारी खेली। इस तिहरे शतक के बूते मैच के दूसरे दिन बंगाल की स्थिति मजबूत हो गई।
तिवारी ने 414 गेंदों में नाबाद 303 रन बनाए, जिसमें 30 चौके और पांच छक्के शामिल हैं। मनोज ने 10 घंटे 30 मिनट तक क्रीज पर डटकर बल्लेबाजी की। तिवारी के आखिरी 50 रन सिर्फ 37 गेंदों में बने। उनका तिहरा शतक पूरा होते ही बंगाल ने पहली पारी सात विकेट पर 635 रन पर घोषित की।
भारत के लिए आखिरी बार 2015 में खेलने वाले तिवारी बंगाल के लिए तिहरा शतक जड़ने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले देवांग गांधी ने गुवाहाटी में असम के खिलाफ 1998-99 में 323 रन बनाए थे। पिछले महीने आईपीएल नीलामी में बिक नहीं सके तिवारी विवाद के घेरे मे आ गए थे, जब उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ता देवांग गांधी को बंगाल टीम के ड्रेसिंग रूम में प्रवेश करने से रोका था। सत्र की शुरुआत में उन्हें कप्तानी से हटाकर अभिमन्यु ईश्वरन को नया कप्तान बनाया गया था।

मनोज तिवारी की बेहतरीन पारी के बाद तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार ने क्रमश: तीन और दो विकेट लेकर हैदराबाद के पहली पारी के पांच विकेट 83 रन पर निकाल दिए। बंगाल के लिए नौवें नंबर के बल्लेबाज अर्नब नंदी 83 गेंद में 65 रन बनाकर नाबाद रहे, उन्होंने तिवारी के साथ 159 रन की अटूट साझेदारी की।