Sunday, 31 May 2020

5 जून चंद्र ग्रहण 2020, जानिए कब से कब तक रहेगा ग्रहण का प्रभाव

Chandra Grahan Kab Se lag raha hai: 5 जून चंद्र ग्रहण ...
चंद्रग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहते है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है. ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हों. उपच्छाया चंद्रग्रहण की बात की जाए तो यह तब लगता है जब पृथ्वी की परिक्रमा करने के दौरान चंद्रमा पेनुम्ब्रा से हो कर गुजरता है. पेनुम्ब्रा धरती की परछाई के हल्के से भाग को बोला जाता है
बता दें कि हिन्दु धर्म में चंद्र ग्रहण एक धार्मिक घटना है जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है. जो चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से नहीं दिखता उसका धार्मिक महत्व नहीं होता है. सिर्फ उपच्छाया वाले चंद्र ग्रहण ही नगन आंखों से नहीं दिखते हैं इसलिए उनका पंचांग में कोई महत्व नहीं है. पंचांग में केवल प्रच्छाया वाले चंद्र ग्रहण का महत्व होता है क्योंकि वह नग्न आंखों से देखा जा सकता है.
यदि चंद्र ग्रहण आपके शहर में दर्शनीय नहीं हो परन्तु दूसरे देशों अथवा शहरों में दर्शनीय हो तो कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है. लेकिन यदि मौसम की वजह से चंद्र ग्रहण दर्शनीय न हो तो ऐसी स्थिति में चंद्र ग्रहण के सूतक का अनुसरण किया जाता है और ग्रहण से सम्बन्धित सभी सावधानियों का पालन किया जाता है.
चंद्र ग्रहण का स्थानीय समय (Lunar Eclipse June 2020 Timing)
चंद्र ग्रहण का समय शुरू – 5 जून को रात को 11.15
परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 6 जून को दिन के 12.54 बजे
उपछाया चंद्र ग्रहण से अन्तिम स्पर्श – 2.34 बजे
चंद्र ग्रहण का कुल समय – 3 घंटे और 18 मिनट