Tuesday, 28 April 2020

घर में फिटनेस रूटीन को बनाए रखने की कठिनाइयों पर मयंक अग्रवाल ने कही यह बात







कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण देश में चले रहे लॉकडाउन की वजह से क्रिकेटर्स घर में कैद होने को विवश हो गए हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती घर में रहते हुए फिटनेस को बनाए रखने की है।
ऐसे में भारतीय बल्‍लेबाज मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal)के लिए यह स्थिति बहुत ज्यादा मुश्किलों वाली है, क्‍योंकि वो पहली बार क्रिकेट से इतने लंबे समय के लिए दूर हुए हैं। टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्‍होंने बताया कि वह लंबे समय से नेट्स में बल्‍लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं। उनमें से ज्‍यादातर लोग व्‍यस्‍त शेड्यूल के आदी हैं व यह कठिन समय है कि हमारे पास करने के लिए कुछ खास नहीं है। हालांकि यह ब्रेक भी अच्‍छा है। मगर वे नहीं जानते कि सब कुछ कब अच्छा होगा व वापस से अपने रूटीन पर आ पाएंगे।
काफी मददगार साबित हो रही है विपश्यना
मयंक अग्रवाल ने बताया कि वे घर में मेडिटेशन कर रहे हैं व मेडिटेशन तकनीक विपश्यना से उनसे बहुत ज्यादा मदद मिल रही है। उनके अनुसार इससे आप खुद को बेहतर समझ व जान सकते हैं। ये किसी भी हालात ने निपटने में आपकी मदद करती है।

शारीरिक वर्कआउट ही फिटनेस नहीं

घर में फिटनेस रूटीन को बनाए रखने की कठिनाइयों पर मयंक अग्रवाल ने पूछने पर बताया कि उनके लिए फिटनेस का मतलब सिर्फ शारीरिक वर्कआउट नहीं हैं। फिटनेस का मतलब मानसिक अनुशासन भी है, क्‍योंकि ट्रेनिंग व वर्किंग के दौरान जब आप रुकने का अहसास करते हैं। बतौर खिलाड़ी सभी जानते हैं कि शरीर से पहले अधिकांश मन पराजय मान जाता है। इसीलिए मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ रहना महत्वपूर्ण है। किचन के कार्य कर रहे हैं
मयंक ने बताया कि अभी वो अपना समय कुकिंग व किचन के कामों में मदद करके बिता रहे हैं। किचन में वह सब्‍जी काटने जैसे कार्य करते हैं। साथ ही पढ़ने व परिवार व दोस्‍तों से बात कर रहे हैं। उन्‍होंने बोला कि इस समय वह अपने परिवार व दोस्‍तों के बीच अक्‍सर चैटिंग करते हैं।

खेल के ज्‍यादा भी महत्वपूर्ण चीजेंभविष्‍य की चिंता पर पूछने पर मयंक के बाद बोला कि यह महत्वपूर्ण है कि इस समय खेल से आगे सोचा जाए। उन्‍होंने बोला कि कड़वी सच्‍चाई तो ये है इस समय चिंता करने के लिए खेलने की तुलना में संसार में व भी अहम चीजें हैं।