Tuesday, 7 April 2020

अमेरिका: प्रेसिडेंट ट्रंप ने फिर मांगी भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा, कहा- आप दवाएं भेजेंगे तो अच्छा, वरना...

कोरोना वायरस से निपटना तमाम देशों के लिए एक चुनौती बन गया है. इसमें शक्तिशाली देश अमेरिका से लेकर चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत समेत कई देश शामिल हैं. हर देश अपने नागरिकों की चिंता सता रही है कि कोरोना वायरस से कैसे उन्हें बचाया जाए. कोरोना का सबसे अधिक प्रकोप अमेरिका और इटली के बाद चीन में देखा गया है. दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की हालत तो ऐसी है कि वहां हर 24 घंटे में 800 से लेकर 1000 लोगों की मौत हो रही है. वहीं लाखों लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. ऐसे में कोरोना के प्रकोप से बचने के लिए अमेरिका ने भारत से मदद मांगी थी. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान सामने आया है. जिसमें वे कह रहे हैं कि भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई नहीं करता तो हम जवाबी कार्रवाई करते.
बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) का इस्‍तेमाल किया जा रहा है. मीडिया से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से रविवार सुबह इस मुद्दे पर बात की थी. मैंने कहा कि अगर आप हमारी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के सप्लाई को अनुमति दे रहे हैं, तो हम इसकी तारीफ करेंगे. अगर वह इसकी अनुमति नहीं देते हैं तो भी कोई बात नहीं. लेकिन वे हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें. ट्रंप ने फोन कर खुद पीएम मोदी से मदद मांगी थी. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का उपयोग मलेरिया के इस्तेमाल में किया जाता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा:- 
कोरोना से जूझ रहे अमेरिका में लगातार मरीजों की मौत हो रही है. वहीं अमेरिका के न्यूयॉर्क में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. कोरोना वायरस निमोनिया महामारी के कारण न्यूयॉर्क राज्य में संक्रमित मामलों की संख्या 1.1 लाख के पार हो गई है. ये आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. न्यूयॉर्क राज्य में अब तक कुल 3565 लोग नए कोरोना वायरस की वजह से मर गए. वहीं कई लोग अब भी इस वायरस की चपेट में हैं.