Sunday, 8 December 2019

अमावस्‍या के दिन जन्‍म लेने वाले जातकों के जीवन में होता है अधिक संघर्ष, करें यह उपाय

अमावस्‍या के दिन जन्‍म लेने वाले जातकों के जीवन में होता है अधिक संघर्ष, करें यह उपाय
मानव जीवन के दो पक्ष होते हैं। उनको अंधेरे और उजाले में विभाजित किया जाता है। इसी तरह तिथियों का भी प्रकृति नें अंधेरे और उजाले में विभाजन किया है। अमावस्या तिथि की रात्रि अंधकार लिए होती है। इसलिए इस तिथि को शुभ कार्यों को नहीं किया जाता है और अंधकार से उजाले की ओर अग्रसर होते हुए, मानव जीवन से अंधकार को हटाने के लिए देवकर्म, पितृकर्म और इनसे संबंधित धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इस दिन दीप जलाकर उजाला करने का भी विधान है। अमावस्या तिथि मास के कृष्ण पक्ष को आती है।
अमावस्या तिथि के योग
अमावस्या तिथि के दिन कृष्ण पक्ष का समापन होता है। कृष्ण पक्ष कि शुरूआत पूर्णिमा तिथि के बाद आने वाली प्रतिपदा तिथि से होता है। अमावस्या तिथि के दिन कृष्ण पक्ष समाप्त हो जाता है। अमावस्या तिथि के दिन सूर्य और चन्द्र दोनों समान अंशों पर होते है। सभी तिथियां देवी-देवताओं से संबंधित हैं और इन तिथियों को इन देवी-देवताओं की आराधना से विशेष लाभ होता है। इसी तरह अमावस्या तिथि पितृकर्म को समर्पित है और इस दिन पितृों से संबधित कर्मकांड किए जाते हैं।
शुभ कार्यों में वर्जित है अमावस्या तिथि
अमावस्या तिथि के देव पितृदेव है। इस दिन पित-तर्पण के कार्य किए जाते हैं। इस दिन जो व्यक्ति पितृों को तृप्त करने के लिए दान-पुण्य करता है उसको पितृों का आशीर्वाद मिलता है। अमावस्या को पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन किया गया स्नान कल्याणकारी माना जाता है और सर्वकार्यों में सिद्धि देता है।
अमावस्या तिथि में जन्म
अमावस्या तिथि को जिस बच्चे का जन्म होता है उसकी आयु लंबी होती है। वह घर में कम निवास करता है और विदेश प्रवास पर ज्यादा रहता है। कुटिल कार्यों में अपनी बुद्धिबल का ज्यादा प्रयोग करता है और सदकर्म में वह अपनी बुद्धि का प्रयोग कम करता है। फिजूल की सलाह देने की आदत इस दिन जन्म लेने वाले जातकों में रहती है, लेकिन उसमें पराक्रम ज्यादा होता है। इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे के जीवन में संघर्ष और कष्ट ज्यादा होता है। असंतुष्टि का भाव इनमें ज्यादा पाया जाता है। अपनी आदतों की वजह से अपने भी शत्रु बन जाते हैं। जीवन दिक्कतों से घिरा रहता है। इस दिन जन्मे जातक को गरीबों को भोजन करवाना चाहिए। पीपल के वृक्ष लगवाना चाहिए और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए दान करना चाहिए।