Tuesday, 26 May 2020

घर में इस खास वक्त ही लगाएं झाड़ू, फिर देखिए कितनी स्पीड में आप बनते हैं अमीर

सनातन धर्म में स्वच्छता को बेहद जरुरी बताया गया है। शास्त्रों के मुताबिक साफ-सफाई का सीधा संबंध समृद्धि से है। जहां सफाई होती है वहां धन की देवी लक्ष्मी खुद चलकर आती हैं। सुख और समृद्धि स्थायी रुप से जमकर बैठ जाती है। जीवन धन धान्य से संपन्न हो जाता है।घरों में सफाई करने वाली झाड़ू इसी वजह से माता लक्ष्मी का प्रतीक कहा गया है।इसके साथ ही हमारे ज्योतिष शास्त्र में झाड़ू से जुड़े कई नियम भी बताये गये है जिनका यदि हम सही ढंग से पालन करते है तो हमारे घर पर माँ लक्ष्मी की असीम कृपा सदैव बनी रहती है और कभी भी घर में धन धान्य की कमी नहीं रहती |

दुनिया में ना जाने कितनी ही महिलाएं हैं जो कभी भी घर झाड़ू लगाना शुरू कर देती हैं ऐसे में वह यह नहीं सोचती है कि इससे बुरा भी हो सकता है. आप सभी को बता दें कि समय के अनुसार झाड़ू लगाने के कई लाभ है वहीं बिना समय के झाड़ू लगाने से मुसीबत घर में आ जाती है. ऐसे में आपको यह भी बता दें कि हिन्दू धर्म मे सभी काम को करने का एक उचित समय दर्ज है और यदि इस समय से हटकर काम किया जाए तो गरीबी का मुंह देखना पड़ता है|इसी में झाड़ू लगाने का भी एक समय होता है और सही समय पर झाड़ू लगाने से लक्ष्मी जी का आगमन होता है और उस घर मे बरकत की बारिश होने लगती है|



ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं झाड़ू लगाने का शुभ मुहूर्त जिस समय लक्ष्मी जी का आगमन होता है|तो आइये जानते है झाड़ू लगाने के लिए सबसे सही और शभु समय कौन सा होता है. धार्मिक ग्रन्थों में कहा गया है कि झाड़ू लगाने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह के समय 4 से 5 के बीच है और इस समय को वह समय कहा जाता है जब देवी लक्ष्मी का आगमन घर मे होता है और उस इंसान की बन्द किस्मत का ताला खुल जाता है. कहते हैं कि जो भी महिला या पुरुष इस समय घर मे झाड़ू लगाता है उसके घर में खूब पैसा आता है. आप पूरे दिन में किसी भी समय झाड़ू लगा सकते हैं लेकिन ध्यान रखे कि शुरुआत में पहली बार झाड़ू इसी समय पर लगाए ताकि घर मे बरकत हमेशा बनी रहे|



शास्त्रों के अनुसार झाड़ू को धन की देवी महालक्ष्मी का प्रतीक मानते हुए झाडू़ को उचित और साफ -सुथरी जगह पर रखने को कहा गया है। कहते हैं कि नियमित रूप से प्रात: और सायं काल में घर और कार्यस्थल की झाडृू से सफाई करने से स्वच्छता के साथ धन की प्राप्ति भी होती है।यही वजह है कि सुबह झाडू़ लगाने की परंपरा घरों में है। जिन घरों में नियमित रूप से झाड़ू नहीं लगाई जाती वहां दरिद्रता निवास करती है। इसके अलावा झाडू को महालक्ष्मीजी का प्रतीक मानने वालों के अनुसार झाडू को कभी पैर नहीं लगाने चाहिए क्योंकि इससे महालक्ष्मी का अनादर होता है| झाड़ू का उपयोग पूरा होने के बाद उसे किसी ऐसे सुरक्षित स्थान पर रख देना चाहिए, जहां इस पर किसी की नजर न पड़े क्योंकि वास्तु के अनुसार भी ऐसी मान्यता है कि यदि झाड़ू बाहर दिखाई देती है तो घर में कलह होता है|

माना जाता है कि अपवित्र, गंदे और पानी वाले स्थान पर झाड़ू को नहीं रखना चाहिए। दीवार के सहारे भी झाड़ू को खड़ी नहीं रखते। घर, दुकान या कार्यस्थल आदि की सफाई में काम आने वाले झाडू़ से भूल कर भी सड़क, नाली या मल-मूत्र की सफाई नहीं करनी चाहिए। घर के किसी सदस्य या मेहमान के जाने के तुरंत बाद झाड़ू लगाना अशुभ माना जाता है।