Saturday, 23 May 2020

बेबी का वजन लगातार हुआ कम तो मम्मी को हुई टेंशन, डॉक्‍टर ने फिर बताया ये भयानक सच

सोशल मीडिया पर आए दिन कई सारी अजीबों गरीब घटनाएं सामने आती रहती हैं वहीं ये बात भी सच है कि जब से सोशल मीडिया पर लोग एक्‍टिव हुए तभी से दुनिया में कोई भी छोटी सी घटनाएं होती हैं वो सामने आ जाती है ऐसा ही कुछ हुआ ब्रिटेन में जो बेहद ही भयानक था। दरअसल आपको बता दे कि ब्रिटेन की जॉर्डन टैली के लिए ये किसी भयानक सपने से कम नहीं था। जानकारी के लिए बता दें कि टैली को प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्‍होने एक बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन जन्म के बाद बच्ची का विकास नहीं हो रहा था, जिसके बाद टैली बेहद ही चिंतित हो गई थीं
बच्ची के जन्म के समय का वजन 3 किलो था लेकिन बच्‍ची का वजन बढ़ने की बजाय लगातार कम होने लगा था। जब टैली इस समस्‍या को लेकर डॉक्टर्स के पास गई तो उनको लगा कि कहीं मां के दूध में किसी तरह की कमी है, क्योंकि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी लेकिन कुछ ही समय बाद में एक हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई। 
शुरूआत में तो डॉक्‍टर को ये लगा कि मां के दूध से पोषण ठीक तरीके से बच्ची तक नहीं पहुंच रहा है, जिसके बाद टैली को डॉक्‍टर ने दवाएं दी गईं। डॉक्टर ने कहा कि इससे बच्ची एक दो हफ्ते में ठीक हो जाएगी लेकिन हैरानी की बात तो ये थी की दवा लेने के बावजूद भी कुछ दिनों बाद बच्ची और कमजोर पड़ने लगी, उसकी आंखें अंदर की ओर धंस गई और वजन घटकर 2 किलो रह गया। जिसके बाद टैली काफी घबरा गईं टैली ने कहा, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि हमारी बेटी लूसी को क्या हो गया है। वो दिनों-दिन कमजोर होती जा रही थी। हमें डर सता रहा था कि हम उसे खो ना दें।
टैली ने इसके बाद बच्ची का दूसरे डॉक्टर से चेकअप कराया। डॉक्टर ने कहा कि मां के दूध में कोई समस्या नहीं थी। बाद में बच्ची का मुंह खोलकर देखा गया तो पता चला कि जीभ का निचला हिस्सा उसके होंठ से चिपका हुआ था। इस वजह से वो ठीक तरह से दूध नहीं पी पा रही थी। जिसके बाद उसी समय जल्‍द से जल्‍द उस डॉक्टर्स ने जीभ को होंठों से अलग किया।  
फिर डॉक्‍टर ने सर्जरी करने के एक हफ्ते के बाद ही लूसी की हालत में सुधार दिखने लगा और फिर उसका वजन आधा किलो तक बढ़ गया था। जिसके बाद लूसी पूरी तरह से स्‍वस्‍थ हो गई और इसके बाद उसकी मां टैली ने इस पूरे घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर शेयर की और बताया कि कई बार हम छोटी-छोटी चीजों को इग्नोर कर देते हैं।