Wednesday, 27 May 2020

लड़की ने लड़के की बचाई थी जान और लड़के ने उसी लड़की से शादी कर चुकाया एहसान…

आज मैं ज्यादा बातें न कर सीधे आपको उस घटना के बारे में बता रहे हैं। यह घटना है झारखंड के दुमका जिले के हंसडीहा और लागला के बींच की। इसी जिले में गोड्डा की रहने वाली पूजा सावंत अपने मम्मी और पापा के साथ दुमका से अपने घर जा रही थी। यह क्षेत्र पहाड़ी है और यहाँ शाम के 7 बजे के बाद बहुत कम लोग इस रास्ते से गुजरते हैं। पूजा कुछ ख़ास काम से दुमका आयी हुई थी और उसे देर हो गई थी। किन्तु उसके पार चारपहिया वाहन था। इस लिए चिंता की कोई बात नहीं थी। पूजा के पापा गाड़ी चला रहे थे और पूजा पहाड़ों का नजारा देख रही थी। रात का 9.30 बज रहा था। अचानक पूजा की नजर हंसडीहा और लागला के बींच एक मोटरसाइकिल और उसके पास पड़े एक व्यक्ति पर पड़ी। पूजा ने अपने पापा से गाड़ी रोंकने के लिए कहा, लेकिन उसके पापा ने रात ज्यादा होने के कारण गाड़ी रोंकने से मना कर दिया, किन्तु पूजा का मन नहीं मान रहा था और उसने अपने पापा और मम्मी से जिद कर दी। ज्यादा जिद करने पर उसके पापा ने गाड़ी पीछे मोड़ ली और उस जगह पर पहुंचे।
पास जाकर देखा तो सभी के होश उड़ गये। मोटरसाइकिल के पास एक लगभग 20-22 वर्षीय लड़का खून से लथपथ पड़ा था, और वह हिल दुल भी नहीं रहा था। पूजा के पापा ने कहा चलों शायद यह लड़का मर गया है। किन्तु पूजा ने अपने पापा से एक बार नब्ज देखने के लिए कहा, उसके पापा ने जब देखा तो उस लड़के की अभी सांसे चल रहीं थीं। यह देख पूजा के पापा का भी दिल पसीज आया और उस लड़के को गाड़ी में डालकर पुनः जिला अस्पताल दुमका लौट आये। रात भर उपचार के बाद सुबह उस लड़के को होश आया। लड़के ने अपना नाम अमित आर्या बताया और बताया कि मैं बिहार का रहने वाला हूँ और अपने मामा के घर वौंसी जा रहा था। लड़के का तीन दिन तक उपचार चलता रहा और पूजा उसका अच्छी तरह से देखभाल करती रही।
अमित की हालत में जब सुधार आया तो पूजा उसे अपने घर ले आयी और अमित के मामा को सूचना भी करा दी। अमित का मामा और मामी आये और जब पूजा और उसके परिवार को अमित को बचाने की पूरी कहानी सुनी तो उनके पैरों पर गिर गए। इसके बाद अमित के मामा उसे लेकर अपने घर चले गए। इस घटना के 6 साल बाद अमित की मुम्बई में एक हार्डवेयर कंपनी में बहुत अच्छे पद पर नौकरी लग गई।
अमित हर माह 1.5 से 2.0 लाख रुपये कमाने लगा था। इस इस लिए उसने अपने मम्मी और पापा को बिहार से अपने पास बुला लिया। जब अमित के पापा ने अमित से शादी के लिय कहा तो अमित ने बताया कि मैंने लड़की ढूढ़ रखी है। इसके बाद छुट्टी मिलते ही अमित अपने मम्मी और पापा को लेकर झारखंड आ गया और सीधा पूजा के घर पहुँच गया। पूजा भी एक खुले विचारों की लड़की थी और वह पुराने कल्चर में ज्यादा विश्वास नहीं करती थी। अमित जब पूजा के घर गया तो उसे देखकर कोई पहचान नहीं पाया, किन्तु जब अमित ने अपने बारे में बताया तो तो सभी बहुत खुस हुए। अमित के पापा ने अमित के बारे में सबकुछ बताया और पूजा का अमित के लिए हाँथ मांग लिया। पूजा के पापा ने पूजा से से पूंछा और शादी के लिए हाँ कर दी। अमित अपनी जिन्दगी को पाकर बहुत खुस है जिसने उसे जीवन दिया वही उसकी जिन्दगी का हमसफ़र बनने वाला है।