Saturday, 23 May 2020

शादी में 5 लाख कैश मिला था, लेकिन स्कॉर्पियो के लिए ससुराल वालों ने बहू को मार डाला!

शादी में 5 लाख कैश मिला था, लेकिन स्कॉर्पियो के लिए ससुराल वालों ने बहू को मार डाला!
‘आखिरी बार जब उससे फोन पर बात हुई थी, तो वो बहुत परेशान लग रही थी. उसने बताया कि वो खाना खा रही थी, लेकिन उसकी सास, ननद और जेठानी ने खाने की थाली छीन ली. वो भूखी थी. मैंने कहा कि मैं आ रहा हूं. मै शाम तक पहुंच जाऊंगा. हो सके, तो तुम्हें घर ले आऊंगा. अपना ध्यान रखना. लेकिन जब तक मैं उसके पास पहुंचा, उन लोगों ने उसे मार दिया था. मेरी बेटी को मार दिया था.’
ये बात भर्राए गले से कृष्ण मुरारी कौशल ने ‘दी लल्लनटॉप’ को फोन पर कही. वो उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं. अलीगढ़ में पोस्टेड हैं. बीते 3 मई को उनकी 30 बरस की बेटी कीर्ति की उसके ससुराल में मौत हो गई. कृष्ण मुरारी लाल का कहना है कि कीर्ति के ससुराल वाले दहेज मांग रहे थे, नहीं दिया, तो बेटी को गला घोंटकर मार डाला. उन्होंने कीर्ति के पति दुष्यंत कुमार, जेठ विपिन कुमार, जेठानी नीतू, सास विराजो देवी और ननद रुद्राक्षी पर दहेज हत्या के आरोप लगाए हैं.

क्या है पूरा मामला?
कृष्ण मुरारी ने बताया कि फरवरी 2016 में कीर्ति और दुष्यंत की शादी करवाई थी. उस वक्त घर दहेज में घर का सारा सामान और पांच लाख रुपए नगद भी दिए थे. लड़केवालों ने स्कॉर्पियो गाड़ी भी मांगी थी, लेकिन कृष्ण मुरारी दे नहीं पाए थे. कीर्ति का मायका बरेली था, ससुराल संभल ज़िले के चंदौसी में था. शादी के बाद से वो वही रह रही थी.
दुष्यंत कुछ काम-धाम नहीं करता था. चूंकि उसके पिता महिपाल सिंह से कृष्ण मुरारी की जान-पहचान थी, इसलिए उन्होंने बेटी की शादी वहां करवाई थी. महिपाल सिंह खुद पुलिस में थे. बेटे की शादी के दो साल बाद उनका देहांत हो गया. कृष्ण मुरारी बताते हैं कि दुष्यंत को पिता की जगह नौकरी मिलने वाली थी. अनुकंपा नियुक्ति के ज़रिए. जैसे ही उसे पता चला कि वो पुलिस की नौकरी करने वाला है, उसने कीर्ति को दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे पूरा परिवार उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने लगे.

कृष्ण कुमार बताते हैं कि कीर्ति स्कूल में पढ़ाती थी, उसकी सैलरी भी ससुराल वाले किसी न किसी बहाने से ले लेते थे. फिर बार-बार उससे कहते कि घर पर बोले कि स्कॉर्पियो देने का वादा पूरा करें. उसकी सास कहती, ‘बेटा दारोगा बनने वाला है. उसके हिसाब से गाड़ी भी तो चाहिए न उसे’.
कीर्ति की बहन का नाम है पल्लवी. वो कहती हैं,
‘हमने कई बार दीदी से कहा कि वो यहां आ जाएं. लेकिन वो कहती रहीं कि सब ठीक हो जाएगा.’