Thursday, 2 April 2020

COVID-19: कोरोना से बचना है तो खान-पान में यूं रहें सतर्क


नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दुनिया भर में कहर मचा रखा है. देश में कोरोना वायरस से अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1967 लोग संक्रमित हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कोविड-19 को लेकर कई तरह की एडवाइजरी जारी कर चुका है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी बता चुके हैं कि इस वायरस से बचने के लिए किन-किन बातों का ख्याल रखना है. अब खान-पान को लेकर भी कुछ जानकारी सामने आई है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स (Health Experts) के मुताबिक, खाद्य सामग्री में कई ऐसी चीजें पाई जाती हैं जो बीमार कर सकती हैं. जैसे चिकन में साल्मोनेला बैक्टीरिया, रोमैन सलाद के पत्ते में ई कोलाई संक्रमण और बाहर के खाने में नोरोवायरस पाया जाता है. हालांकि हेल्थ एक्स्पर्ट्स ने कोरोना वायरस के चलते खान-पान की चीजों को लेकर कोई भी चेतावनी नहीं जारी की है. इस बात की भी अभी तक पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है कि खान-पान से कोविड-19 फैलता है या नहीं.

नॉनवेज से नहीं फैलता कोरोना

हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स ने उस दावे को खारिज कर दिया है कि जिसमें कहा जा रहा था कि नॉनवेज खाने से कोरोना वायरस फैलता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि नॉनवेज से कोरोना नहीं फैलता, लेकिन वह अच्छे से पका होना चाहिए. एक्सपर्ट्स का कहना कि मनुष्य के शरीर में कई तरह की बीमारियां होती हैं, जो बॉडी के अलग-अलग अगों पर अपना असर डालती हैं. कोरोना वायरस सांस की नली और फेफड़ों से जुड़ा हुआ है, जबकि नोरोवायरस और साल्मोनेला जैसे कीटाणु पेट में भी जिंदा रहते हुए लोगों को बीमार करते हैं. कोरोना वायरस पर स्टडीज जारी

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention-सीडीसी) के मुताबिक, किसी बीमारी को समझने से लिए सबसे पहले देखना होता है कि वह शरीर के किस अंग पर प्रभाव डाल रहा है. कोरोना वायरस अभी तक नया है और इसके बारे में अभी स्टडीज की जा रही है. सीडीसी और अन्य हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी तक इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस लोगों को उनके पाचन तंत्र के जरिए बीमार कर सकता है. हालांकि कोरोना वायरस कुछ लोगों के मल में भी पाया गया है.

हाथ धोकर खाएं खाना

वहीं, जो लोग कुछ खाने से बीमार होते हैं, उनमें डायरिया जैसे लक्षण पाए जाते हैं. कुछ मामलों में ये कीटाणु मल में भी पाए जाते हैं, जिसकी वजह से हाइजीन की कमी होती है. दरअसल, कुछ लोग हाथ धोए बगैर खाना खाते हैं, जिसकी वजह से उनके पेट में कीटाणु चले जाते हैं. इसलिए पाचन संबंधी बीमारी होने पर रेस्तरां में खाना बनाने वालों को घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि उस बीमार व्यक्ति के खाना बनाने की वजह से दूसरे बहुत से लोग को बीमार पड़ सकते हैं.

कोरोना से इस तरह बरतें सावधानियां

इस वायरस के फैलने का तरीका अलग-अलग होता है. जैसे जब कोई व्यक्ति संक्रमित शख्स के संपर्क में आता है या फिर कोई खांसता है या छींकता है तो उसकी छींक-खांसी के साथ ही कई वायरस हवा में चले जाते हैं. जब कोई दूसरा व्यक्ति इसके संपर्क में आता है तो उसके संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है. इसके अलावा दूसरे लोगों के साथ घुलने-मिलने से भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ता है. यही वजह है कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह दी जा रही है.