Saturday, 25 April 2020

सचिन तेंदुलकर का खुलासा, रवि शास्‍त्री की एक सलाह ने बना दिया उन्‍हें 'क्रिकेट का भगवान'


नई दिल्‍ली. भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह से बदलने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने खुलासा किया है कि उनका करियर रवि शास्‍त्री (Ravi Shastri) की एक सलाह की वजह से बदला है. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन ने अपने करियर के दौरान कई रिकॉर्ड्स बनाए और तोड़े. हालांकि दो दशक से भी अधिक समय क्रिकेट के मैदान पर गुजारने वाले सचिन के करियर में भी एक समय ऐसा आया था, जब वह टीम में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. जब सचिन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा, तो उस समय 1989 में पाकिस्‍तानी गेंदबाजों का कोहराम था और भारतीय दिग्‍गज ने अपने पहले ही मैच में वसीम अकरम और वकार युनूस जैसे गेंदबाजों का सामना किया था. 16 साल के सचिन को उस समय पाकिस्‍तान के तेज अटैक के वार को अपने शरीर पर भी सहना पड़ा और वो अपने डेब्‍यू मैच में सिर्फ 15 रन ही बना पाए थे. सचिन ने खुलासा किया कि मैच के बाद वह खुद को बाहर महसूस कर रहे थे. उन्‍हें लग रहा था कि यह उनका पहला और आखिरी मैच हो सकता है.

शास्‍त्री की सलाह ने बदल दी जिंदगीसचिन ने खुलासा किया उस समय मौजूदा कोच रवि शास्‍त्री की एक सलाह ने उनके लिए सब कुछ बदल दिया और फिर उन्‍होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा. स्‍काइ स्‍पोर्ट्स पर नासीर मीट्स सचिन के एपिसोड में मास्‍टर ब्‍लाटर ने नासीर से कहा कि उन्‍होंने अपना पहला टेस्‍ट इस तरह से खेला, जैसे वो स्‍कूल मैच खेल रहे हो. वसीम और वकार तेजी से गेंदबाजी कर रहे थे. वे लोग शॉर्ट बॉल फेंक रहे थे और उन्‍हें इस तरह का अनुभव नहीं था. इसीलिए पहला मैच अच्‍छा नहीं था. सचिन ने कहा कि वे वसीम और वकार की गति और उछाल से हार गए थे. जब वे 15 रन पर आउट होकर लौट रहे थे तो उन्‍हें शर्मिंदगी महसूस हो रही थी. उन्‍हें लग रहा था कि उन्‍होंने क्‍या कर दिया, क्‍यों ऐसे खेले. मास्‍टर ब्‍लास्‍टर ने बताया कि ड्रेसिंग रूम में जाने के बाद वे सीधे बाथरूम में चले गए थे और रोने लगे थे और सोच रहे थे कि वे इस स्‍तर पर खेलने के लायक नहीं हैं. टीम ने महसूस किया कि क्‍या हुआ है और उसके बाद शास्‍त्री उनसे बात करने आए.

आधे घंटे क्रीज पर टिकने की सलाह दीरवि शास्त्री ने कहा कि उन्‍होंने स्‍कूल मैच की तरह खेला. इसके बाद मौजूदा कोच ने कहा कि वें दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ खेल रहे थे और उन्‍हें उनका सम्‍मान करने की जरूरत है. इसके बाद सचिन ने शास्‍त्री को कहा कि वे उनकी गति के कारण आउट हो गए. तब शास्‍त्री ने उन्‍हें सलाह देते हुए कहा कि ऐसा होता है. इसमें डरने की बात नहीं है. बस आपको करीब आधे घंटे क्रीज पर बिताने होंगे और फिर आप उनकी गति के हिसाब से तालमेल बैठा लेंगे. सचिन के बताया कि अगले मैच में शास्‍त्री की ये सलाह काम आई. उन्‍होंने सोच लिया था कि वे स्‍कोरबोर्ड पर देखने की बजाय घड़ी की ओर देखेंगे. साथ ही रन की चिंता नहीं करेंगे. इसके साथ आधे घंटे बल्‍लेबाजी करने के बाद उन्‍होंने खुद को सहज महसूस किया और फिर 59 रन बनाए. इसके बाद सब कुछ बदलना शुरू हो गया था.