Saturday, 18 April 2020

निजामुद्दीन मरकज मामले में बड़ा खुलासा, यहां से आता था पैसा


नई दिल्ली: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) यानी कोविड 19 (Covid 19) से भारत समेत दुनिया में कोहराम मचा है। देश में पिछले 23 दिनों से जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच कोविड 19 संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण से महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित है। कोरोना संक्रमण का एपीसेंटर बन चुके तबलीगी जमात (Tablgi Jamat)के मरकज (Delhi Nizamuddin Markaz) पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके के मरकज से जुड़े मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान मरकज में हवाला से पैसे आने के सबूत मिले हैं।
दिल्ली क्राइम ब्रांच सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मरकज में हवाला से पैसा आने का पता चला है। क्राइम ब्रांच को इसके सबूत भी मिले हैं। हवाला फंडिंग को लेकर 100 से ज्यादा लोगों से की गई पड़ताल के बाद ये नजीता सामने आया है। आपको बता दें कि क्राइम ब्रांच ने तबलीगी जमात के खिलाफ दर्ज FIR में ग़ैर-इरादतन हत्या की धारा जोड़ जमात में शामिल 1890 विदेशी नागरिकों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है और मरकज़ से जुड़े 18 लोगो को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने को कहा गया है।
दिल्ली पुलिस ने जमात के अमीर मौलाना मोहम्मद साद समेत कई लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। जमात में शामिल 1890 विदेशी नागरिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया था और कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पुलिस ने मरकज से 2300 से अधिक लोगों को बाहर निकाला था, जिनमें 500 से अधिक विदेशी थे।
इसके साथ ही मरकज से जुड़े 18 लोगों को क्राइम ब्रांच ने नोटिस जारी कर जांच से जुड़ने को कहा है। पुलिस की ओर से मौलाना साद समेत 18 लोगों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, इसमें से 11 लोग खुद को क्वारनटीन बताकर पुलिस के सामने आने से बच रहे हैं। मौलाना साद ने भी खुद को क्वारनटीन बताया था। माना जा रहा है कि उसका आइसोलेशन पीरियड खत्म हो गया है और पुलिस कभी उसे गिरफ्तार कर सकती है।