Friday, 17 April 2020

कोटा में लॉकडाउन में फंसे छात्रों को लाने के लिए योगी सरकार ने भेजी बसें, विपक्ष बोला- मजदूरों की भी सोच लेते


लखनऊ: राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग व मेडिकल की कोचिंग करने वाले यूपी के छात्रों को वापस लाने के लिए योगी सरकार ने तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां लॉकडाउन के कारण फंसे छात्रों को वापस लाने के निर्देश दिए हैं. परिवहन विभाग की ओर से इटावा, मैनपुरी, औरेया, अलीगढ़ और आगरा से लगभग 250 बसों को रवाना कर दिया है.
सरकार से जुड़े सूत्रों की मानें तो कोटा में कोचिंग करने वाले यूपी के करीब 7000 छात्र फंसे हैं. इनमें से कई छात्रों ने ट्विटर पर #sendusbackhome हैशटैग से कुछ दिनों से कैंपेन भी चला रखा है जिसमें मुख्यमंत्री ऑफिस से मदद की गुहार लगाई गई है जिसको देखते हुए सरकार ने बसें भेजने का फैसला लिया है.
Sir, I am student, I came Kota for prep.. but at this time we face many problems here due to highly increasing corona cases. We are fear and parents worries about us. We want to go home, so plzz help me for the same.....
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छात्र सोशल मीडिया पर हैशटैग के जरिए अपना दर्द बयां कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान सरकार ने अपने यहां फंसे छात्रों को वापस बुलाने के लिए परमिट दे दिया था जिसके बाद योगी सरकार ने फैसला किया है. बसों की मॉनिटरिंग का काम आगरा परिक्षेत्र के रीजनल मैनेजर व सर्विस मैनेजर को दी गई है.
छात्रों की थर्मल स्कैनिंग होगी
पूर्वांचल की ओर जाने वाले छात्रों को कोटा से झांसी के रास्ते भेजा जाएगा. वहीं पश्चिम के जिलों में जाने के लिए अलीगढ़ के रास्ते से भेजा जाएगा. परिवहन विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बसों में बैठाने से पहले सभी छात्रों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी. वहीं बसों में सोशल डिस्टैंसिंग का भी ध्यान रखा जाएगा.
विपक्ष ने कहा- गरीबों की भी सोचो
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर ट्वीट करके कहा है कि राजस्थान के कोटा में फंसे यूपी के विद्यार्थियों को वापस लाने की योजना का स्वागत है लेकिन ये सवाल भी है कि अन्य राज्यों में भुखमरी के शिकार हो रहे अति निम्न आय वर्ग के गरीबों को वापस लाने की क्या योजना है और ये भी कि प्रदेश के तथाकथित नोडल अधिकारियों के मोबाइल मूक-मौन क्यों हैं?
वहीं समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रवक्ता ऋचा सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार अन्य स्थानों पर फंसे
छात्रों-मजदूरों के साथ भी न्याय करे. अगर कोटा के छात्रों को उनके घर विशेष बसें लगाकर पहुंचाया जा सकता है, तो यह व्यवस्था इलाहाबाद में फंसे लड़के-लड़कियों और मजदूरों के लिये भी की जानी चाहिये.

कांग्रेस के यूपी चीफ अजय लल्लू ने कहा है कि कोटा से प्रदेश के स्टूडेंट्स को वापस लाने का प्रबंध स्वागतयोग्य है लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में जो हमारे मजदूर भाई फंसे हैं, आज सबका काम बंद हैं, उनके सामने बड़ी चुनौतियां हैं. क्या सरकार इस पर विचार करेगी.