Tuesday, 17 March 2020

339 के लक्ष्य के सामने भारत का स्कोर था 54-5, फिर आया था इस धुरंधर का तूफ़ान

क्रिकेट दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है अगर वही वह भारत और पाकिस्तान का मैच होता इस क्रिकेट के इस फॉर्मेट का रोमांच और भी काफी बढ़ जाता है। साल 2017 में खेले गई चैंपियंस ट्राफी के फाइनल मुकाबले की यादें आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के मन में ताजा है।

339 के लक्ष्य के सामने भारत का स्कोर था 54-5, फिर आया था इस धुरंधर का तूफ़ान
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इस मैच में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 338/4 रन का स्कोर बनाया। पाकिस्तान की तरफ से ओपनर बल्लेबाज फखर जमान ने 114 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी।

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जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए।

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इसके बाद नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए विराट कोहली भी तीसरी ओवर में 5 रन के स्कोर पर आउट हो गए। इसके बाद भी विकेटों का सिलसिला थमा नही था। और भारतीय टीम ने 54 रन के स्कोर पर अपने 5 विकेट गंवा दिए थे।

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हालाँकि नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आए हार्दिक पांड्या ने अपने मन में कुछ ओर ही ठान रखी थी। हार्दिक पांड्या ने आते ही तूफानी बल्लेबाजी करते हुए भारत की जीत की उम्मीद है फिर से कायम कर दी थी।

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हालाँकि रविन्द्र जडेजा ने बेहद मतलबी होकर पांड्या को रन आउट करवा दिया, जिससे टीम की आशा खत्म हो गई। हार्दिक ने अपनी इस पारी में खेली 43 गेंद में 176.7 की स्ट्राइक रेट से 76 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 6 छक्के भी शामिल थे।

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और इस तरह भारतीय टीम 30.3 ओवर में 158 रन के स्कोर पर आल आउट हो गई। यह मैच आज भी हार्दिक पांडे की तूफानी बल्लेबाजी के लिए याद किया जाता है। हार्दिक पांड्या अगर उस दिन रन आउट नहीं होते तो मैच का परिणाम भारत की तरफ जा सकता था।