Sunday, 29 March 2020

यहां बिखरे पड़े हैं पूरे 1200 करोड़ रूपये, लेकिन दुनियाभर में फैली भयंकर बीमारी के बीच कोई उठाने वाला नहीं, वजह जानकर दंग रह जाओगे


आज हम आपको एक ऐसा ही मामला बताने जा रहे है, जिसके बारे में जानकर आपके पैरों तले से ज़मीन खिसक जाएगी। कुछ दिनों पहले पूर्वी रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में कुछ लोगों के एक समूह को एक दलदली और उजाड़ वाली जगह पर लगभग 1 अरब रुबल के नोट मिले। जानकारी के मुताबिक भारतीय मुद्रा में इसकी क़ीमत लगभग 120 करोड़ रुपए है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन पैसों को जिसने भी खोज है, उसे इसे ख़र्च करने की इजाज़त नहीं है। बताया जा रहा है कि पाए गए नोट पूर्व सोवियत संघ के दौर के हैं और अब ये चलन में नहीं हैं।
जहां नोट पड़े मिले है वह जगह मॉस्को से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ब्लादिमीर क्षेत्र है। बताया जा रहा है यह एक प्राचीन खदान है, जहाँ सोवियत संघ के समय मिसाइलें रखी जाती थीं। खोज करने वाले ग्रूप ने यह सुना था कि उस जगह पर बहुत पैसा दबा हुआ है। इस वजह से उस जगह पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। जब यह घटना सामने आयी तो पूरे विश्व के मीडिया में यह ख़बर सूर्खियों में छा गयी। जब पाए गए नोटों की जाँच पुरातत्व विभाग ने की तो पता चला कि ये नोट सोवियत संघ के दौर के हैं।
पड़े मिले इन नोटों को साल 1961 से 1991 के बीच जारी किया गया था। उस समय ये नोट चलन में थे और लोगों के लिए ये काफ़ी क़ीमती थे। लेकिन आज के समय में इन नोटों की कोई कीमत नहीं है। जानकारों का कहना है कि, ये नोट जिन जगहों से प्राप्त हुए हैं, पहले उस जगह पर मिसाइलें रखी जाती थीं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जब बाढ़ आयी होगी तो ये नोट बहकर खदान में चले गए होंगे। आपकी बता दें कि जब भारत में 2016 में नोटबंदी हुई थी तब भी इसी तरह की घटनाएँ देखने को मिली थी। लोग अपने काले धन को छुपाने के लिए कहीं फेंक देते थे या उसमें आग लगा दे रहे थे।