Tuesday, 4 February 2020

Ind vs NZ: वनडे में अपनी ताकत दिखाने उतरेगी टीम इंडिया, विश्व कप के बाद होगी पहली भिड़ंत


हैमिल्टन, प्रेट्र। प्रमुख खिलाड़ियों की चोट से परेशान भारतीय टीम में पृथ्वी शॉ जैसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी के लिए दरवाजे खुल गए हैं जो बुधवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में आत्मविश्वास की कमी से जूझ रही न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी क्षमता दिखाने को तैयार है।
पिछले साल हुए विश्व कप के बाद भारतीय टीम के लिए यह तीसरी वनडे सीरीज है। टीम ने इससे पहले वेस्टइंडीज (विदेशी सरजमीं पर) और घरेलू सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को मात दी है। न्यूजीलैंड की टीम विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मिली शिकस्त के बाद पहली बार वनडे मुकाबले में उतरेगी।
पिछली बार वनडे प्रारूप में इन दोनों टीमों का जब सामना हुआ था तब न्यूजीलैंड ने मैनचेस्टर में खेले गए विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत को 18 रन से हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया था। भारत ने हालांकि उस हार का बदला रविवार को समाप्त हुई टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज को 5-0 से जीत कर लिया।
मौजूदा समय में हालांकि इस वनडे सीरीज का ज्यादा महत्व नहीं है क्योंकि दोनों टीमें इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप की तैयारी कर रही हैं। वास्तव में, इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज इस वनडे मुकाबले से अधिक महत्व रखती है। वनडे सीरीज में दोनों टीमें खिलाडि़यों के चोटिल होने से परेशान हैं और ऐसे में कुछ नए खिलाडि़यों को मौका मिल सकता है। भारतीय टीम को रोहित शर्मा के चोटिल होने से बड़ा झटका लगा है। टी-20 सीरीज के आखिरी मैच में चोटिल होने के कारण वह वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार और दीपक चाहर जैसे टीम के अहम खिलाड़ी पहले से ही चोटिल हैं।
मयंक अग्रवाल को वनडे सीरीज के लिए रोहित के जगह टीम में शामिल किया गया है। कप्तान विराट कोहली ने कहा कि वह राजकोट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनाई गई रणनीति को जारी रखेंगे, जहां लोकेश राहुल ने विकेटकीपिंग करने के साथ पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी की थी। कोहली ने इस तरह लगभग यह साफ कर दिया कि शॉ बुधवार को भारतीय पारी का आगाज करेंगे। अगर ऐसा होता है तो दो सलामी बल्लेबाज अपने पदार्पण मैच में पारी का आगाज करेंगे। पिछली बार ऐसी स्थिति 2016 में आई थी जब लोकेश राहुल और करुण नायर ने जिंबाब्वे में अपने पदार्पण पर भारत के लिए पारी का आगाज किया था। इससे पहले सुनील गावस्कर और सुधीर नाइक (1974) इंग्लैंड के खिलाफ, जबकि पार्थसारथी शर्मा और दिलीप वेंगसरकर (1976) न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा कर चुके है। इस तरह कोहली नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए आएंगे, जबकि श्रेयस अय्यर चौथे और राहुल पांचवें क्रम पर उतरेंगे।
नेट्स पर शिवम दुबे, रिषभ पंत एवं केदार जाधव से पहले मनीष पांडे को कोहली और अय्यर के साथ अभ्यास करते देखा गया। अगर पांडे खेलते हैं तो टीम में रवींद्र जडेजा, दुबे और जाधव में से किसी एक ऑलराउंडर को मौका मिलेगा।
गेंदबाजी आक्रमण में टीम तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरेगी। टी-20 सीरीज में ड्रेसिंग रूप में बैठने वाले बायें हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है। नियमित कप्तान विलियमसन की गैरमौजूदगी में टॉम लाथम टीम की अगुआई करेंगे, जिन्हें टिम साउथी पर तरजीह दी गई है। साउथी टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के आखिरी दो मैचों में कप्तान थे। इस मामले में टीम को रॉस टेलर के अनुभव का साथ मिलेगा। जिमी नीशाम और कोलिन डि ग्रैंडहोम जैसे ऑलराउंडर के आने से टीम मजबूत हुई है। विकेटकीपर बल्लेबाज टॉम ब्लंडेल और तेज गेंदबाज काइली जेमिसन टीम में नए खिलाड़ी हैं।
न्यूजीलैंड की टीम प्रेरणादायक कप्तान केन विलियमसन के बिना मैदान में उतरेगी, जो चोटिल हैं, जबकि तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट भी चोट के कारण पहले से ही टीम से बाहर हैं।
टीमें :
भारत : विराट कोहली, पृथ्वी शॉ, मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, मनीष पांडे, रिषभ पंत, श्रेयस अय्यर, शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, युजवेंद्रा सिंह चहल, मुहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर, नवदीप सैनी।
न्यूजीलैंड : टॉम लाथम (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, रॉस टेलर, कोलिन डि ग्रैंडहोम, जिमी नीशाम, स्कॉट कुगलेइजन, टॉम ब्लंडेल, हेनरी निकोल्स, मिशेल सेंटनर, हैमिश बेनेट, ईश सोढ़ी, टिम साउथी, काइली जेमिसन, मार्क चैपमैन।