Wednesday, 5 February 2020

शतकवीर श्रेयस अय्यर ने बताया अपनी सफलता का राज, पर टीम की हार से हुए दुखी


हैमिल्टन, प्रेट्र। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में खेले गए पहले वनडे मैच में श्रेयस अय्यर की शतकीय पारी के दम पर 347 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। दूर्भाग्य की बात ये रही कि टीम इंडिया इस स्कोर को डिफेंड कर पाने में सफल नहीं रही और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में श्रेयस ने जो पारी खेली वो काफी अहम रही क्योंकि इससे टीम को मजबूत आधार तो मिला ही साथ ही साथ ये उनके वनडे करियर का पहला शतक भी साबित हुआ।
श्रेयस अय्यर वनडे में अपनी पहली शतकीय पारी से खुश तो हैं, लेकिन टीम इंडिया के हार ने उन्हें निराश भी किया। श्रेयस ने वनडे में अपने पहले शतक के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें यह सफलता भारत ए के लिए तीसरे से पांचवें नंबर के बीच बल्लेबाजी करने से मिली जहां उन्होंने मैच की विभिन्न स्थितियों से निपटने की कला सीखी।
श्रेयस अय्यर ने 16 मैचों में अब तक एक शतक और छह अर्धशतक की मदद से 48 से अधिक की औसत से रन बनाकर मध्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत ए के लिए मैंने हमेशा चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की। परिस्थिति के अनुसार आपको अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करते रहना पड़ता है। मुझे तीसरे से पांचवें स्थान के बीच बदलाव करना पड़ता था। हमें वहां अच्छा अभ्यास मिला इसलिए आप हालात के आदी हो जाते हैं।
सीनियर टीम में जगह पक्की करने के लिए श्रेयस अय्यर को मौकों का इंतजार करना पड़ा और इस दौरान सीखने के लिहाज से ए टीम के दौरे काफी अहम थे। उन्होंने कहा कि निजी तौर पर भारत ए के मैच मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण रहे क्योंकि जब भी मैं वहां जाता था तो तय करता था कि इनका बेस्ट फायदा उठाऊं। खिलाड़ी और माहौल शानदार था क्योंकि आपके ऊपर कोई दबाव नहीं होता।
श्रेयस ने इस मैच में 107 गेंदों पर 103 रन बनाए और कहा कि मैं अपनी इस पारी से काफी खुश हूं, लेकिन मुझे और ज्यादा खुशी मिलती अगर हम ये मैच जीत जाते। उन्होंने कहा कि ये कई शतकों में मेरा पहला शतक है और मेरी कोशिश रहेगी कि अगले मैच में टीम को जीत मिले। पिच और विकेट के बारे में उन्होंने कहा कि पहली पारी में गेंद रुककर आ रही थी और पिच पर असमान उछाल नहीं था। इसके बाद हमने बड़ी साझेदारी करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि दूसरी पारी में विकेट बल्लेबाजी के लिए आसान हो गया था। गेंद बल्ले पर आ रही थी और ओस ने भी इस मैच में बड़ी भूमिका निभाई। इसमें कोई शक नहीं कि कीवी बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी की और जीत का श्रेय उन्हें देना होगा।