Monday, 9 December 2019

विरोध के बाद सिनेमाघरों से उतरी पानीपत, CM गहलोत ने कही ये बात

बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर और संजय दत्त, कृत‍ि सेनन स्टारर फिल्म पानीत पर घमासान शुरू हो गया है. फिल्म में कुछ विशेष किरदारों को गलत छवि में दिखाए जाने को लेकर इसका विरोध हो रहा है और अब इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी जुड़ गए हैं. गहलोत ने कहा है कि फिल्म बनाने वालों को समाज की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पानीपत को लेकर लोगों का विरोध है और इसे देखते हुए हमने डिस्ट्रीब्यूटर्स से बात की है. गृह सचिव और दूसरे अधिकारी फिल्म निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर से बात कर रहे हैं और हम बीच का रास्ता निकाल रहे हैं. गहलोत ने कहा, "हमारी कोशिश है कि उस रिश्ते को हटाकर फिल्म दोबारा से रिलीज हो. आर्ट एंड कल्चर को लेकर किसी का विरोध नहीं है मगर फिल्म में लोगों की भावनाओं का ख्याल रखा जाना चाहिए."
क्यों हो रहा है विरोध?
भरतपुर के पूर्व महाराजा और राजस्थान सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पानीपत फिल्म में जाट महाराज सूरजमल के चरित्र को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है. इस मामले में राजस्थान के जाट समुदाय ने आंदोलन की भी धमकी दी है. राजस्थान के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी फिल्म में महाराजा सूरजमल के दिखाए गए किरदार का विरोध करते हुए उसे ठीक करने की मांग की है.
पानीपत से पद्मावत तक, पीरियड फिल्मों के वो ऐतिहासिक किरदार, जिनपर मचा बवाल
भरतपुर के पूर्व महाराजा और पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करते हुए भरतपुर के महाराजा सूरजमल जाट जैसे महान पुरूष का चित्रण 'पानीपत' फिल्म में बेहद गलत तरीके से किया गया है. उन्होंने कहा, 'मैं महाराजा सूरजमल जाट की 14वीं पीढ़ी से हूं. वास्तविकता यह है कि पेशवा और मराठा जब पानीपत युद्ध हारकर लौट रहे थे तो महाराजा सूरजमल और महारानी किशोरी ने 6 माह तक संपूर्ण मराठा सेना और पेशवाओं को अपने यहां पनाह दी थी.