Saturday, 7 December 2019

हैदराबाद गैंगरेप : पुलिस एनकाउंटर के बाद परिजन ने शव लेने से किया इंकार


हैदराबाद में हुए गैंगरेप के बाद आरोपियों को फांसी देने की मांग जोरों पर थी। वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल आमरण अनशन पर बैठी हुई थी। लेकिन शुक्रवार सुबह चारों आरोपियों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। चारों आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने की खबर से पूरे देश में जश्न का माहौल है। जहां स्वाति मालिवाल ने अपना अनशन ख़त्म किया वहीं देश भर के लोगों ने हैदराबाद पुलिस की जमकर तारीफ की। हालांकि इस बीच कुछ नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया और इस मामले की जांच कराए जाने व एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर केस किए जाने की भी अपील की।

हालांकि इन सभी के बीच बड़ी खबर यह रही कि चारों आरोपियों के एनकाउंटर के बाद उनके परिजनों ने आरोपियों के शव लेने से इंकार कर दिया। परिजन द्वारा शव लेने से इंकार किए जाने के बाद तेलंगाना पुलिस को ही अब सभी आरोपियों का अंतिम संस्कार करना होगा। आरोपियों के परिजनों का कहना है कि वे अपने अपराधी बेटों के शव को मुखाग्नि नहीं देना चाहते। वहीं चारों आरोपियों के मारे जाने से देश भर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हैदराबाद में स्कूली छात्राओं ने जमकर जश्न मनाया और हैदराबाद पुलिस का धन्यवाद किया।

इस मामले में जहां उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने कहा, “आख़िर क़ानून से भागनेवाले… इंसाफ़ से कितनी दूर भागते।” अखिलेश यादव ने आगे कहा कि, ख़ुशी है कि इससे किसी को न्याय मिला है लेकिन असली ख़ुशी तब होगी जब ऐसी कारगर निवारक सुरक्षा व्यवस्था व प्रतिरक्षक सामाजिक वातावरण बने कि ऐसे जघन्य अपराध कभी भी किसी बहन-बेटी के साथ घटित ही न हों।”

तो वहीं मायावती ने भी इस एनकाउंटर को सही बताते हुए योगी सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को हैदराबाद पुलिस से कुछ सीखना चाहिए और उत्तर प्रदेश में हुए रेप कांड के आरोपियों को भी जल्द ही कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए।