Friday, 6 December 2019

लो हो गया ‘न्याय’ : जानिए कौन हैं ‘न्यायाधीश’ वी. सी. सज्जनार ?


रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

* एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माने जाते हैं IPS वी. सी. सज्जनार

अहमदाबाद 6 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। हैदाराबाद की महिला डॉक्टर के साथ जघन्य अपराध करने के आरोप में पकड़े गए चारों आरोपियों को मौत के घाट उतार दिया गया है। पूरे देश में जिस सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले को लेकर आक्रोश और हंगामा मचा हुआ था, उसे अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को तेलंगाना की हैदराबाद पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिरा कर उनके अंजाम तक पहुँचाया। हैदराबाद पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर देश के आम नागरिकों में जहाँ संतोष है और गर्व है, वहीं अब आगे मानवाधिकारों के नाम पर हंगामा खड़ा करने वालों को मुद्दा मिल गया है।
सामान्यत: बलात्कार व हत्या के मामले में आरोपियों को अपराधी ठहराने से लेकर कारावास या फाँसी की सजा दिलाने तक पुलिस की नाक में दम आ जाता है। पीड़िता और उसके परिजनों को न्याय दिलाते हुए पुलिस को कई तरह की क़ानूनी प्रक्रियाओं से गुज़रना पड़ता है। इसका उदाहरण है दिल्ली का 2012 का निर्भया केस, जिसके अपराधियों को आज 7 वर्षों के बाद भी फाँसी नहीं दी जा सकी है, परंतु हैदराबाद पुलिस ने गत 29 नवंबर को एक महिला चिकित्सक के साथ हुए जघन्य अपराध के आरोपियों को 7 दिन के भीतर उनके अंजाम तक पहुँचा कर न्याय की मांग करने वालों के सामने ‘न्याय’ का उदाहरण प्रस्तुत कर दिया है। अब यह न्याय कितना उचित है और कितना उचित है ? इस पर देश के तथाकथित बुद्धिजीवियों और विधिवेत्ताओं ने अपने बौद्धिक तर्कों को गढ़ना आरंभ कर दिया होगा।
ख़ैर, हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने अपनी तरफ से स्पष्टीकरण दे दिया है कि आरोपियों को उस समय मार गिराया गया, जब उन्हें पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या के घटनास्थल पर रिकंस्ट्रक्शन के लिए ले जाया गया और उन्होंने भागने का प्रयास किया। सज्जनार के नेतृत्व वाली हैदराबाद पुलिस के इस ‘कारनामे’ पर देश उसे सलाम कर रहा है, परंतु हैदराबाद पुलिस ने जिस वी. सी. सज्जनार के नेतृत्व में यह तथाकथित ‘न्याय’ किया है, उस ‘न्यायाधीश’ सज्जनार की भी लोग प्रशंसा कर रहे हैं और उनके बारे में जानना चाहते हैं। तो आइए आपको बताते हैं वी. सी. सज्जनार के बारे में।

जब एसिड अटैक के आरोपियों को किया ढेर

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की 1996 बैच के अधिकारी वी. सी. सज्जनार एक कड़े और अनुशासित पुलिस अधिकारी के रूप में विख्यात हैं। अधिकृत रूप से पुलिस महानिरीक्षक (IGP) की रैंक के अधिकारी और साइबराबाद पुलिस आयुक्त तथा हैदराबाद पुलिस आयुक्त हैं। हैदराबाद की हैवानियत भरी बलात्कार व हत्या की घटना की जाँच वी. सी. सज्जनार के नेतृत्व में ही चल रही है, जिसके अंतर्गत पुलिस ने शुक्रवार तड़के चारों आरोपियों को पुलिस से हथियार छीन कर भागने की कोशिश में एनकाउंटर में मार गिराया। सज्जनार के नेतृत्व में यह पहला एनकाउंटर नहीं हुआ है। सज्जनार अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के मामले में अत्यंत कठोर हैं और इसीलिए वे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में भी विख्यात हैं। इससे पहले 2008 में जब सज्जनार वारंगल पुलिस आयुक्त थे, तब एसिड अटैक के तीन आरोपियों श्रीनिवास, हरिकृष्णा और संजय को मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इन आरोपियों ने ककटिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की छात्रा स्वप्निका पर तेज़ाब फेंक कर हमला किया था। आरोपियों की मुठभेड़ में मौत को लेकर सज्जनार को तब भी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था।

नक्सली नयीमुद्दीन को ठिकाने लगाया

वी. सी. सज्जनार ने नक्सली नयीमुद्दीन आलियास नयीम को भी एनकाउंटर में मार गिराया था। उस समय सज्जनार इंटेलिजेंस ब्रांच के स्पेशल आईजी थे, जिन पर नक्सलियों पर नियंत्रण का उत्तरदायित्व था। सज्जनार ने नक्सलियों के विरुद्ध ज़ोरदार अभियान छेड़ा और कुख्यात नक्सली नयीम को हैदराबाद के पास मुठभेड़ में मार गिराया। नयीम की मौत अनेक व्यवसायियों के लिए राहत भरी थी, जो उसके आतंक से पीड़ित थे। सज्जनार ने तेलंगाना के उदय से पूर्व संयुक्त आंध्र प्रदेश पुलिस में कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयाँ कीं। सज्जनार माओवादियों की ग़िरफ़्तारी तथा नक्सल नेताओं की एनकाउंटर में मौतों की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच शाखा (SIB) का भी नेतृत्व कर चुके हैं।