Loading...

रेप के लिए मौत से भी बदतर सजा दी जाती है इन देशो में,जानिए

Loading...
हाल ही में हैदराबाद के कांड ने पूरे देश को हिला के रख दिया है। रेप के बाद प्रियंका रेड्डी को जला दिया गया। निर्भया कांड या फिर हिमाचल की गुड़िया, कठुआ की 8 साल की मासूम के अलावा न जानें कितनी ही लड़कियां हैवानियत का शिकार हुई है। इसको लेकर कानून भी बनाया गया है लेकिन अपराध कही कम होते नजर नही आ रहे।

रेप के लिए मौत से भी बदतर सजा दी जाती है इन देशो में,जानिए
Third party image reference
आज कई ऐसे देश है जो रेप के लिए कड़ी से कड़ी सजा देता है। सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही दोषी को मौत की सजा दी जाती है। किसी का सर कमल किया जाता है या फिर किसी को पत्थरों से मार दिया जाता है। आज हम ऐसे कुछ देश की बात करने जा रहे है।
संयुक्त अरब अमीरत

Third party image reference
संयुक्त अरब अमीरत में दोषियों को सीधे मौत की सजा सुना दी जाती है। सिर्फ सात दिनों के अंदर ही फांसी की सजा दी जाता है।
सऊदी अरब

Third party image reference
आप को बता दे कि सऊदी अरब में शरीया कानून लागू है। इस कानून में दोषियों को कड़ी सजा दी जाती है। इसके मुताबिक रेप करने वाले को या तो फांसी पर टांग दिया जाता है या उसके गुप्त अंगो को काट दिया जाता है।
इराक

Third party image reference
इराक में इस तरह के अपराध करने वाले को पत्थर से मारा जाता है। उसे तब तक पत्थर से मारा जाता है जब तक की उसकी मौत ना हो जाए।
चीन

Third party image reference
चीन में कैपिटल पनिशमेंट दी जाती है। इस कानून के तहत रेप की सजा में कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है।
इंडोनेशिया

Third party image reference
इंडोनेशिया में बलात्कार करने वालों को नपुंसक बना दिया जाता हैश इतना ही नहीं उनमें महिलाओं के हॉर्मोन्स डाल दिए जाते हैं।
पोलैंड
पौलेंड में दोषियों को सुअरों से कटवाया जाता था। जब तक उनकी मौत न हो जाये तब तह यह सजा दी जाती थी। हालांकि अब पौलेंड में बलात्कार के लिए कानून बदल गया है अब आरोपी को नपुंसक बना दिया जाता है।
दोस्तो आपको यह खबर कैसी लगी हमे बताये साथ ही भारत मे ही इस तरह की सजा दी जानी चाहिए या नही हमे कमेंट कर के बताये
रेप के लिए मौत से भी बदतर सजा दी जाती है इन देशो में,जानिए रेप के लिए मौत से भी बदतर सजा दी जाती है इन देशो में,जानिए Reviewed by Admin on December 03, 2019 Rating: 5
Loading...
Loading...
Powered by Blogger.