Sunday 25 August 2019

कैंसर अब नहीं रहा असाध्य रोग! मिल गया है ऐसा इलाज जिससे नहीं होगा सेहत पर कोई दुष्प्रभाव



कैंसर एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जिससे शरीर के किसी भी हिस्से की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं। कैंसर शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्सों में फैलता है। लेकिन कैंसर अब नहीं रहा असाध्य रोग, संभव है बचाव! समाचारनामा में छपी खबर के अनुसार हाल ही में इस बात को ध्यान में रख कर किए गए शोध का परिणाम आ निकला है। जिसमें यह पता लगा है की कैंसर की बीमारी के दौरान किए जाने वाले इलाज़ से अब सेहत पर कोई दुष्प्रभाव नहीं झेलने पड़ेंगे।
सुषमा स्वराज के निधन की खबर सुनकर दुखी इजराइल, बोला- नहीं भूल सकते समर्पण, करुणा और योगदान
इस बीमारी के कई तरह की थेरेपी से गुजरने के कारण, इलाज के दौरान मरीजों पर कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं, जिसमें अनीमिया, भूख न लगना, ब्लीडिंग, चोट लगना, कब्ज, डायरिया, थकान, बालों का झड़ना, मितली आना, और यूरीन से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। इस नई स्टडी में यह बात सामने आई है की वैज्ञानिकों ने न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस टाइप 2 का अध्ययन करते हुए यह खोज की। इस स्थिति को एनएफ 2 के रूप में जाना जाता है और इसमें श्वानोमास नामक नर्वस सिस्टम में ट्यूमर का विकास होता है। 

वैज्ञानिकों ने कहा है की लगातार बढ़ने के लिए ट्यूमर सेल्स को ऊर्जा और ब्लॉक्स का उत्पादन करने की आवश्यकता होती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि श्वाननोमा सेल्स एक ऑक्सिडेंट और नाइट्रेटिंग एजेंट, पेरोक्सिनाइट्रेट का उत्पादन करती हैं, जो प्रोटीन में एक एमिनो एसिड, टायरोसिन को संशोधित करता है। उनका कहना है की श्वाननोमा सेल्स ट्यूमर को बढ्ने से तो रोकती है। साथ ही यह उस पर नियंत्रण भी करती है ।इसलिए हम उन सेल्स का विकास तो कर ही रहे है। साथ ही हम अवरोधकों के साथ उन संशोधित प्रोटीनों को लक्षित कर सकते हैं जो सामान्य कोशिकाओं को प्रभावित नहीं करते हैं, उम्मीद है कि न्यूनतम दुष्प्रभावों के साथ उपचार विकसित कर रहे हैं।