Monday 19 August 2019

5 अद्भुत रिकॉर्ड जो कमजोर टीमो के नाम है, तोड़ पाना है मुश्किल, नं. 2 है 22 साल से अटूट

विश्व कप में पहले से ही क्रिकेट जगत की कमजोर टीमों ने जबरदस्त प्रदर्शन कर मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी है.
2003 के विश्व कप में केन्या जैसी दोयम दर्जे की टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. जबकि 2007 में बांग्लादेश ने बड़ा उलटफेर कर भारतीय टीम को लीग मैच में ही विश्व कप से बाहर कर दिया था.
विश्व कप में दोयम दर्जे की टीमों ने कई जबरदस्त रिकॉर्ड बनाए हैं. आज के इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही रिकार्ड्स के बारे में बताने जा रहे हैं. आइये जानते हैं इनके बारे में-

पांचवा


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विश्व कप में सबसे बड़े स्कोर का पीछा करते हुए सफलतापूर्वक जीत हासिल करने का रिकॉर्ड आयरलैंड टीम के नाम है. आयरलैंड टीम ने 2011 के विश्व कप में इंग्लैंड के विरुद्ध 329 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की. और इंग्लैंड के विरुद्ध बड़ा उलटफेर कर दिखाया. 

चौथा


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विश्व कप में सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड आयरलैंड के केविन ओ ब्रायन के नाम दर्ज है। केविन ने 2 मार्च 2011 को इग्लैंड के खिलाफ ये कारनामा किया था। पांच विकेट 150 रन से पहले गवां देने के बाद मैच में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे केविन ने सिर्फ 50 गेंदो में शतक पूरा कर विश्व कप के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। केविन ने अपनी इस पारी में 13 चौके और 6 छक्के लगाए।

तीसरा

विश्व कप में सबसे कम उम्र में खेलने वाले खिलाड़ी कनाडा के नितीश कुमार हैं. नितीश कुमार ने 16 वर्ष 283 दिन की आयु में विश्व कप में अपना पहला मैच 28 फरवरी 2011 को नागपुर (भारत) में जिम्बाब्वे के विरूद्ध खेलकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया था.
2010 से 2014 तक के अपने अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर में नितीश कुमार कुल 16 मैच खेले. इन 16 मैचों में उन्होंने 15.50 की औसत से कुल 217 रन बनाए थे, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 38 रन था. इसके अलावा उन्होंने 40 रन देकर 2 विकेट के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ 2 विकेट लिए थे तथा 7 कैच भी पकड़े थे. 

दूसरा


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विश्व कप इतिहास में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी नीदरलैंड के नोलन क्लार्क हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले भी वह सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। क्लार्क ने 1996 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 47 साल और 240 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले इस मैच में उन्होंने 14 रनों की पारी खेली थी। इसी वर्ल्ड कप में उन्होंने 47 साल और 257 दिन की उम्र में अपना अंतिम मैच खेला था। वह वर्ल्ड कप क्रिकेट में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं।
उन्होंने वनडे क्रिकेट में सिर्फ 5 मैच खेले हैं और ये सभी मैच वर्ल्ड कप के ही मैच हैं। क्लार्क मूल रूप में बारबाडोस के थे लेकिन उन्होंने नीदरलैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला था। ये रिकॉर्ड पिछले 22 साल से नहीं टूटा है.

पहला


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विश्व कप में सेमीफाइनल तक सफर तय करने वाले केन्या की टीम पहली ऐसी टीम है जिसे टेस्ट का दर्जा नहीं मिला. केन्या की टीम 2003 के विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंची ठिया जहाँ उसे भारत के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था. केन्या ने इस विश्व कप में सभी टीमों को जबरदस्त टक्कर दी थी.