Thursday 18 July 2019

पेट में होने वाले कीड़े कर सकते हैं आंत में घाव, जानिए क्या है इलाज

पेट में कीड़े पड़ जाएं तो यह बहुत ही दुखदायी होता है। यह समस्या सबसे अधिक बच्चों में होती है लेकिन बड़ों की आंतों में भी कीड़े हो सकते हैं। ये लगभग 20 प्रकार के होते हैं जो अंतड़ियों में घाव पैदा कर सकते हैं। इसके कारण रोगी को बेचैनी, पेट में गैस बनना, दिल की धड़कन असामान्य होना, बदहजमी, पेट में दर्द, बुखार जैसी कई प्रकार की समस्याएं होती हैं।

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वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक दुनिया मे 241 मिलियन बच्चो को पेट मे कीड़ो की समस्या है, जिनकी उम्र 1 से 14 साल के बीच है। बच्चों के पेट में कई किस्म के कीड़े पाए जाते है जैसे : टेपवर्म्स ए, थ्रेडवर्म्स और पिंववर्म्स इत्यादि। कई स्टडीज से पता चला कि बच्चों के पेट में कीड़े महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को सोख लेते हैं, जो कि बच्चों के विकास और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होता है। ऐसे बहुत से कारण है जिसकी वजह से बच्चों के पेट मे ये कीड़े पाए जाते हैं।

खाना ठीक से न खाना और अशुद्ध पानी का सेवन करना कुछ कारणों मे से एक है। बच्चों को साफ न रखने भी एक कारण हो सकता है। इसको बढ़ने से रोकने लिए स्वयं को साफ और गर्म रखे जिससे इन कीड़ो के अंडों को खत्म किया जा सके। साथ ही अपने शरीर को साफ रखे और अपने खाने-पीने का विशेष खयाल रखे।



सेहत पर असर शारीरिक विकास

पेट के कीड़े जरूरी पोषक तत्वों को सोख लेते हैँ जिससे दस्त की शिकायत होती है।
पेट के कीड़ों की वजह से खून की कमी हो जाती है, जिसे एनीमिया कहते हैं।
कीड़े मेजबान के पेट के टिशूज को खराब कर देते हैं।
वायरस की पेट मे मौजूदगी पेट की कोशिकाओं को नष्ट कर देती है।
पेट मे कीड़ो की वजह से बच्चों का इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है और उनका वजन भी सामान्य बच्चों से कम होता है।
 मानसिक विकास

एकाग्रता की कमी -

खराब स्कूली प्रदर्शन : पीड़ित बच्चे ध्यान से नहीं पढ़ पाते जिसकी वजह से उनका स्कूली प्रदर्शन खराब होने लगता है।

इम्पेयर्ड कॉग्निशन : इस बिमारी में बच्चो की याददाश्त और सोचने की क्षमता में भी कमी आ जाती है।

नजरअंदाज़ न करें

नींद न आना
भूख न लगना
वजन का गिरना
उल्टियां
पेट दर्द
दस्त
 इन सावधानियों को बरतकर पेट के कीड़ों से बच सकते हैं

सब्जी बनाने से पहले धोना।
नाखूनों को छोटा रखना।
बारिश के मौसम में पानी उबालकर पीना।
स्वयं को साफ रखना।
क्या है इलाज

रोगी को खाने में रुचि नहीं होती और उसे चक्कर भी आते हैं। गंदगी के कारण ही पेट में कीड़े होते हैं। अशुद्ध और खुला भोजन करने वालों को यह समस्या अधिक होती है। घरेलू उपचार के जरिए इस समस्या का इलाज किया जा सकता है।
प्याज का रस: यह बच्चों के पेट से कीड़ों को साफ करने मे मदद करता है। कुछ प्याज के टुकड़ों को पीसकर रस बच्चे को खाली पेट पिला दीजिए।
अजवायन 2 से 3 दिन: अजवायन का सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। इसके लिए अजवायन के आधा ग्राम चूर्ण की उतने ही गुड़ में गोली बनाकर दिन में तीन बार मरीज को दें। अजवायन में एंटी बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं जो कीडों को समाप्त कर देते हैं। अजवायन का सेवन 2-3 दिन करने पर कीड़े पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे।

अनार के छिलके: बच्चों और बड़ों दोनों में पेट के कीड़े हो जाएं तो यह बहुत ही फायदेमंद उपचार है। अनार के छिलकों को सुखाकर इसका चूर्ण बना लीजिए। यह चूर्णदिन में तीन बार एक-एक चम्मच लीजिए। कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से पेट के कीड़े पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं।

नीम के पत्ते: नीम के पत्तों का सेवन करने से पेट की हर तरह की समस्या दूर हो जाती है। नीम के पत्ते एंटीबायोटिक होते हैं जो पेट के कीड़ों को नष्ट कर देते हैं। नीम के पत्तों को पीसकर उसमें शहद मिलाकर लेने से जल्दी फायदा होता है और कीड़े नष्ट हो जाते हैं। सुबह के वक्त इनका सेवन करना अधिक फायदेमंद होता है।

तुलसी की पत्तियां : पेट में कीड़े होने पर तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस दिन में दो बार पीने से पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं। इसका सेवन करने से आंत पूरी तरह से साफ हो जाती है और पेट में गैस और कब्ज की भी शिकायत नहीं होती है। तुलसी की पत्तियां पेट के कीड़ो को मिटाने में लाभदायक हैं।