Saturday 13 July 2019

3 तेज गेंदबाज जिन्हें जसप्रीत बुमराह के बाहर होने पर वेस्टइंडीज दौरे पर मिल सकता है मौका

आईसीसी विश्व कप से बाहर ही चुकी भारतीय टीम अब वेस्टइंडीज दौरे पर जाने वाली है। 3 अगस्त में शुरू हो रही इस सीरीज में तीन टी-20, 3 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेले जाएगे। इस दौरे पर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आरान देने की बात हो रही है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई घरेलू सीरीज से वह लगातार खेल रहे है। ऐसे में उनकी जगह किसी अन्य तेज गेंदबाज को मौका मिल सकता है। आज हम आपको 3 ऐसे ही गेंदबाजों के बारे में बताने जा रहे हैं।

3. दीपक चाहर

चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान के लिए खेलने वाला युवा तेज गेंदबाज को जसप्रीत बुमराह की जगह वेस्टइंडीज दौरे पर जाने का मौका मिल सकता है। दीपक ने भारत के लिए एक वनडे और एक टी-20 मैच भी खेला है। अपने डेब्यू रणजी मैच में ही उन्होंने 10 रन देकर 8 विकेट लिए थे।
उनके पास नई गेंद को स्विंग करवाने की क्षमता है और आईपीएल में उन्होंने दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया है। वह इंडिया ए की टीम के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर भी गये हैं। उनके नाम 45 प्रथम श्रेणी मैच में 126 और 31 लिस्ट ए मैच में 47 विकेट दर्ज हैं।

2. खलील अहमद

को एशिया कप 2018 में भारत के लिए डेब्यू करने का मौका मिला था। भारतीय टीम को काफी समय से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की तलाश है। खलील में भारत के लिए 8 वनडे और 9 टी-20 मैच खेले हैं और इसमें उनके नाम 21 विकेट दर्ज हैं।
विश्व कप में मोहम्मद शमी के बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से उन्हें जगह नहीं मिली लेकिन विंडीज दौरे पर उनकी टीम में वापसी हो सकती है। आईपीएल 2019 में चोट से वापसी करते हुए उन्होंने 9 मैचों में 19 विकेट लिए थे। वह अभी इंडिया ए के साथ विंडीज दौरे पर ही हैं।

1. नवदीप सैनी

जिस गेंदबाज को भारतीय टीम में शामिल करने की मांग सबसे तेज है, वह हैं। सैनी उन चंद भारतीय तेज गेंदबाजों में शामिल है जो आसानी से 150 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं। उनहोंने भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है लेकिन विश्व कप के स्टैंड बाई खिलाड़ियों में उन्हें जगह मिली थी।
दिल्ली के लिए घरेलू मैच खेलने वाली सैनी ने 44 प्रथम श्रेणी मैचों में 120 विकेट लिए हैं वहीं 37 लिस्ट ए मैच में उनके नाम 57 विकेट हैं। वह लगातार इंडिया ए टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्हें वेस्टइंडीज दौरे पर टीम में जगह मिलना तय दिख रहा है। वहां की उछाल भरी पिचों पर वह बल्लेबाजों के लिए खतरा हो सकते हैं।