Friday 12 July 2019

आपकी किचन में ही हैं सफलता और असफलता की ये 10 वजहें, जान लें किचन के कुछ ज़रूरी नियम

प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए वास्तु के नियमों का पालन किया जाता है। घर के हर हिस्से के लिए वास्तु शास्त्र ( vastu shastra ) में कुछ नियम बताए गए हैं। घर के हर कमरे की तरह अपनी रसोई का भी ख्याल रखना ज़रूरी है। जान लें कि रसोई घर की दिशा के साथ-साथ वहां रखे बर्तन में सफलता और असफलता के राज छिपे होते हैं। आइए गौर करते हैं किचन के वास्तु के 10 बिंदुओं पर।
1- किचन के बर्तनों का सही तरह से प्रयोग न करने पर वे दरिद्रता का भी कारण बन सकते हैं।
2- बर्तनों का ठीक तरह से प्रयोग न करना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
3- किसी भी रसोई में बर्तनों को उनके उचित स्थान पर ही रखा जाना चाहिए।
4- वास्तु के मुताबिक, रसोई घर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बर्तन 'तवे' का अलग ही महत्व है। वास्तुशास्त्र के अनुसार कढ़ाई और तवा राहु का प्रतिनिधित्व करने वाले बर्तन होते हैं। इनका इस्तेमाल करते समय विशेष ध्यान रखना चाहिए।
5- जैसे तवे या कढ़ाई को कभी भी जूठा न करें ना ही उसपर जूठा खाना रखें।
6- रसोई घर में जूठे हाथ से किसी भी बर्तन को नहीं छूना चाहिए। रसोई घर में जितनी पवित्रता रहेगी घर में उतना ही धन के घर में आने की संभावना रहती है।
importance of tawa and kadhai
किचन के लिए बने इन नियमों का रखें ध्यान
7- रात का खाना बनाने के बाद तवे को हमेशा धोकर रखना चाहिए। जब तवे का काम न हो तो उसे आम लोगों की नज़र से दूर रखें।
8- तवे और कढ़ाई को कभी उल्टा कर के नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में राहु की नकारत्मक उर्जा का संचार होता है।
9- खाना बनाने के बाद तवा और कढ़ाई को किचन के दाईं ओर रखना चाहिए। कहते हैं रसोई के दाईं ओर अन्नपूर्णा माता वास करती हैं।
10- शास्त्रों के अनुसार, कभी भूलकर भी गर्म तवे पर पानी न डालें। वास्तु के मुताबिक ऐसा करने पर घर में मुसीबतें आती हैं।